‘Get Out Of Here’ कहने वाली महिला की प्रियंका चतुर्वेदी ने की तारीफ

मुंबई: वर्ली में भारतीय जनता पार्टी की 'महिला जन आक्रोश रैली' के दौरान लगा ट्रैफिक जाम अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जाम से परेशान होकर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन को खरी-खोटी सुनाने वाली महिला के पक्ष में विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला को बताया 'साहसी'
शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंत्री से भिड़ने वाली महिला की सराहना करते हुए कहा:
- सलाम और समर्थन: प्रियंका चतुर्वेदी ने उस महिला के साहस को सलाम किया, जिसने राजनीतिक प्रदर्शन के नाम पर आम जनता का रास्ता रोकने वाले सत्ताधारी दल और मंत्री को सीधा जवाब दिया।
- जनता की सहनशीलता: उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता पहले ही घंटों ट्रैफिक जाम से जूझती है, ऐसे में वीआईपी मूवमेंट और राजनीतिक रैलियां उनकी परेशानी को और बढ़ा देती हैं। सत्ता पक्ष को जनता की तकलीफों की कोई परवाह नहीं है।
सत्ता पक्ष से तीखे सवाल
पूर्व सांसद ने रैली के आयोजन और प्रशासन की अनुमति पर भी सवाल उठाए हैं:
सड़क ही क्यों? बीजेपी ने निर्धारित मैदानों के बजाय व्यस्त सड़कों पर विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
अनुमति का आधार: पीक आवर्स (व्यस्त समय) में इस तरह के प्रदर्शन की इजाजत किसने और क्यों दी?
आमजन की परेशानी: राजनीतिक दिखावे और शक्ति प्रदर्शन के लिए आम मुंबईवासियों को बंधक क्यों बनाया जा रहा है?
विवाद की पृष्ठभूमि: क्या हुआ था वर्ली में?
बीते दिनों वर्ली इलाके में बीजेपी की रैली के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। इसी बीच वहां फंसी एक महिला यात्री का सब्र टूट गया और वह सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद जल शक्ति मंत्री गिरीश महाजन से उलझ पड़ी। महिला ने तीखे शब्दों में नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री को वहाँ से चले जाने तक कह दिया था।
गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति
जहां एक ओर मंत्री गिरीश महाजन ने महिला की भाषा को 'अनुचित' करार दिया है, वहीं विपक्ष इसे आम आदमी के मौलिक गुस्से की अभिव्यक्ति मान रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, उस महिला का गुस्सा केवल उसका व्यक्तिगत गुस्सा नहीं है, बल्कि उन तमाम मुंबईवासियों की आवाज है जो रोज ट्रैफिक की अव्यवस्था से प्रताड़ित होते हैं।
