रथ यात्रा हादसे की जांच तेज, अधिकारियों के आने से पहले बदला गया घटनास्थल

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुए भीषण हादसे की यादें आज भी लोगों को सिहरा देती हैं। इस दर्दनाक दुर्घटना में हाइटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से झुलसे श्रद्धालु उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी कांप उठते हैं। चश्मदीद श्रद्धालुओं के मुताबिक, रथ का ध्वज अचानक ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया था, जिसके बाद पलक झपकते ही पूरे रथ में तेज करंट फैल गया और एक के बाद एक श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। इस वीभत्स हादसे में उपचाराधीन एक युवक सचिन की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
'तेज झटका लगा और एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे लोग'
हादसे में बुरी तरह झुलसे पीड़ित विशेष धामा ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह अपने अन्य साथियों के साथ पूरी आस्था के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींच रहे थे। इसी दौरान अचानक एक जोरदार झटका लगा और पूरे शरीर में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह खुद को जमीन पर गिरा हुआ पाया। आसपास मौजूद सतर्क लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
एक अन्य घायल चेतन ने बताया कि बारिश के बीच सभी श्रद्धालु उत्साह से रथ खींच रहे थे। तभी ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन विद्युत लाइन भीगे हुए रथ के संपर्क में आ गई। करंट फैलते ही वह भी बेहोश होकर नीचे गिर पड़े। मदनपाल और महेश शर्मा जैसे अन्य घायलों ने भी बताया कि हादसा इतनी तीव्र गति से हुआ कि किसी को भी संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला।
मची चीख-पुकार, अस्पताल ले जाते समय एक की मौत
अचानक हुए इस भयंकर करंट से भगदड़ मच गई और कई लोग तड़पकर नीचे गिर गए। रथ पर सवार लखीमपुर खीरी के रहने वाले 63 वर्षीय महाराज भारतदास भी इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए।
अस्पताल रवानगी: मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत परीक्षितगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अलावा पल्स अस्पताल और बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सचिन की मौत: गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालुओं में शामिल सचिन को हालत नाजुक होने पर मेरठ के हायर सेंटर रैफर किया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक सचिन अविवाहित था और मजدूरी करके अपने गरीब परिवार का भरण-पोषण करता था।
प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर, अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत जांच तेज कर दी। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने रथ की ऊंचाई की माप-जोख शुरू की।
हालांकि, प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही रथ के आयोजकों और संयोजकों ने उसकी सजावट को हटा दिया था, जिसके चलते जांच टीम को हादसे के वक्त रथ की सटीक ऊंचाई का आकलन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों की मौजूदगी: जिला मुखिया के पहुंचने की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कुमार विकल और सहायक अभियंता शांतनु भी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डीएम और एसएसपी ने पल्स तथा बालाजी अस्पताल जाकर उपचाराधीन घायलों का कुशलक्षेम जाना। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर इलाज की मुकम्मल व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बिजली विभाग के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में बिजली विभाग की लचर कार्यशैली के खिलाफ شدید नाराजगी देखने को मिली। लोगों का खुला आरोप था कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वक्त पर मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने सड़कों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक रूप से नीची हाइटेंशन लाइनों को इस हादसे की मुख्य वजह बताया है।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि यात्रा के दौरान एक झांकी/रथ बिजली के तार की चपेट में आ गया था, जिसके कारण यह दुर्घटना घटी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
