PoK में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन तेज, भारत से मदद की अपील; LoC हटाने की मांग

मुजफ्फराबाद। पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में पिछले 110 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। शनिवार (26 सितंबर 2026) को नियंत्रण रेखा (LoC) से महज 7 किलोमीटर दूर मंढोल गांव में अवामी एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित विशाल धरने में करीब 25 हजार लोग शामिल हुए। इस दौरान मंच से अवामी एक्शन कमेटी के प्रमुख नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान से अलग होकर भारत के जम्मू-कश्मीर के साथ जुड़ने और एलओसी की सीजफायर लाइन को खत्म करने का आह्वान किया, जिसका उपस्थित जनसैलाब ने एक स्वर में समर्थन किया।

एलओसी हटाने और मेंढर का रास्ता खोलने की मांग

धरने के दौरान सरदार अमान खान ने पाकिस्तान द्वारा पिछले तीन महीनों से रोकी गई राशन आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जनसमूह से पूछा कि क्या भारत और पीओके के बीच बनी सीजफायर लाइन को खत्म किया जाना चाहिए, जिस पर हजारों महिलाओं और पुरुषों ने जोरदार आवाज में समर्थन दिया। इसके साथ ही, भारतीय जम्मू-कश्मीर के पूंछ और मेंढर रास्तों को फिर से खोलने के लिए एलओसी पर धरने की बात कही गई। अमान खान ने कहा कि यदि पाकिस्तान को पीओके से कोई समझौता करना है, तो उसे बराबरी और पड़ोसियों जैसा व्यवहार करना होगा। उन्होंने क्षेत्र में तैनात पाकिस्तानी सेना और आईएसआई अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पीओके के लोग गुलाम नहीं हैं और उन्होंने कभी किसी की गुलामी स्वीकार नहीं की है।

पाकिस्तानी सेना पर शोषण और राशन रोकने का आरोप

अमान खान ने पाकिस्तानी सेना द्वारा दशकों से की जा रही संसाधनों की लूट की पोल खोली। उन्होंने बताया कि सीजफायर लाइन पर जब गोलाबारी होती थी, तब स्थानीय लोग ही पाकिस्तानी सेना का बचाव करते थे। इसके बावजूद आज शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मांगने पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है और 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने जानबूझकर खाद्य आपूर्ति रोक रखी है ताकि लोग आत्मसमर्पण करने पर मजबूर हो जाएं। ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के पूर्वज पहले मेंढर से राशन लाते थे, लेकिन पाकिस्तान ने तारबंदी करके निर्भरता इस्लामाबाद पर लाद दी और अब राशन रोककर अत्याचार कर रहा है।

चुनावी धांधली और मुजफ्फराबाद की कठपुतली सरकार

पीओके में राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए अमान खान ने हालिया चुनावों में हुई धांधली को उजागर किया। उन्होंने बताया कि 45 में से 7 सीटों पर उग्र विद्रोह के कारण मतदान नहीं हो सका, जबकि शेष सीटों पर धांधली के जरिए शहबाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को जबरन जीत दिलाई गई। उन्होंने कहा कि बिना जनता की मर्जी के इन 7 सीटों पर पाकिस्तान कभी चुनाव नहीं करवा पाएगा। इसके साथ ही मुजफ्फराबाद में बैठी स्थानीय सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने उसे सेना के इशारों पर चलने वाली कठपुतली करार दिया जो नागरिकों की मौतों और सेना के अवैध कब्जे पर पूरी तरह मौन है।

आजादी और पूर्ण अधिकार के लिए संघर्ष का ऐलान

भाषण के अंत में अमान खान ने जोर देकर कहा कि पीओके की कई पीढ़ियों ने गुलामी का दंश झेला है, लेकिन वास्तविक खुशहाली और विकास केवल पाकिस्तान से आजादी मिलने के बाद ही संभव है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से पाकिस्तान ने क्षेत्र पर अघोषित युद्ध थोप रखा है, जिसका स्थानीय जनता डटकर मुकाबला करेगी। 78 वर्षों के कब्जे के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तानी कब्जा समाप्त नहीं होता, तब तक क्षेत्र के दुखों का अंत नहीं होगा। हजारों लोगों ने तालियों और नारों के साथ इस रुख का पुरजोर समर्थन किया।

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