पाली के राकेश भाटी कांग्रेस में शामिल

जयपुर। आगामी पाली नगर निगम चुनावों से ठीक पहले मारवाड़ की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। नगर परिषद के पूर्व सभापति, निवर्तमान महापौर के पति और सांसद प्रतिनिधि रहे कद्दावर भाजपा नेता राकेश भाटी ने पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के वार रूम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराई।
इस मौके पर पाली से कांग्रेस विधायक भीमराज भाटी, जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा और पर्यवेक्षक हेम सिंह शेखावत भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। राकेश भाटी का पाला बदलना केवल एक नेता का दलबदल नहीं है, बल्कि भाजपा के लिए यह दोहरा राजनीतिक आघात माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि भाटी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले और उन्हीं की जाति-बिरादरी (घांची समाज) से ताल्लुक रखते हैं। मदन राठौड़ के गृह क्षेत्र में उनके ही सजातीय और मजबूत जनाधार वाले नेता का चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस में जाना सीधे तौर पर भाजपा के स्थानीय संगठन और प्रदेश नेतृत्व की पकड़ पर सवाल खड़े करता है।पाली शहर के स्थानीय निकाय में राकेश भाटी का परिवार लंबे समय से सत्ता के केंद्र में रहा है और उनकी पत्नी निवर्तमान महापौर के पद पर रही हैं। ऐसे में उनकी जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क का सीधा लाभ अब कांग्रेस को मिलेगा। नगर निगम चुनाव से ठीक पहले हुए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने पाली की शहरी सरकार के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और असंतोष के चलते भाटी के कांग्रेस में आने से भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगना तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधायक भीमराज भाटी और राकेश भाटी की यह नई सियासी जुगलबंदी नगर निगम की चुनावी जंग में कांग्रेस को बेहद मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर देगी, जिससे पाली के चुनावी रण में भाजपा की मुश्किलें बढ़नी तय हैं।

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