करवा चौथ के लिए परफेक्ट चूड़ियां, लाल, गोल्डन और कुंदन सेट पर डालें नजर

नई दिल्ली। करवा चौथ का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर महिलाएं साड़ी अथवा लहंगा, आकर्षक आभूषण और मेहंदी के साथ स्वयं को अलंकृत करने की पूरी तैयारी करती हैं। यदि इस करवा चौथ आप भी अपने पारंपरिक स्वरूप में नवविवाहिता जैसा भव्य स्पर्श चाहती हैं, तो चूड़ियों का एक सही संयोजन आपके संपूर्ण स्वरूप को निखार सकता है। लाल चूड़े और स्वर्णिम चूड़ियों से लेकर कुंदन तथा मोतियों से सजी चूड़ियों तक, इन दिनों अनेक आकर्षक डिजाइन पसंद किए जा रहे हैं।
चूड़ियां केवल हाथों की शोभा बढ़ाने वाला आभूषण मात्र नहीं हैं, अपितु यह भारतीय पारंपरिक सौंदर्य का एक अनिवार्य अंग हैं। विशेष रूप से करवा चौथ के अवसर पर लाल, मैरून, हरे और स्वर्णिम रंग की कांच की चूड़ियां पारंपरिक परिधानों के साथ अत्यंत आकर्षक प्रतीत होती हैं।
यदि आपका परिधान अत्यधिक कसीदाकारी युक्त (हैवी) है, तो अत्यधिक जटिल डिजाइनों के स्थान पर स्वर्णिम अथवा कुंदन युक्त बैंगल्स का सोबर सेट चुना जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, साधारण साड़ी या सूट के साथ रंग-बिरंगे कड़ों और चूड़ियों का संयोजन आपके हाथों को पर्व का विशेष रूप दे सकता है। आइए जानते हैं ऐसे चूड़ी एवं चूड़ा सेट के विकल्पों के बारे में, जिन्हें इस करवा चौथ अपने स्वरूप में सम्मिलित किया जा सकता है।
पारंपरिक लाल चूड़ा सेट
नवविवाहिता जैसा पारंपरिक सौंदर्य प्राप्त करने हेतु लाल चूड़ा सबसे कालजयी और पसंदीदा विकल्पों में से एक है। लाल चूड़े को स्वर्णिम कड़ों एवं बैंगल्स के साथ संयोजित करने पर हाथों का सौंदर्य और अधिक राजसी प्रतीत होता है। करवा चौथ पर लाल रंग की साड़ी अथवा लहंगे के साथ यह संयोजन विशेष रूप से खिलता है।
कुंदन कसीदाकारी चूड़ी सेट
यदि आप अपने सौंदर्य में एक भव्य और राजसी स्पर्श चाहती हैं, तो कुंदन कार्य वाली चूड़ियों का चयन किया जा सकता है। कुंदन वर्क युक्त चूड़ियां लहंगे, बनारसी साड़ी और सिल्क साड़ी के साथ उत्कृष्ट रूप से मेल खाती हैं। इन्हें भव्य अंगूठियों और कर्णफूलों (झुमकों) के साथ धारण करके अपना पर्व रूप पूर्ण किया जा सकता है।
राजसी चूड़ियों एवं कड़ों का संयोजन
इस प्रकार की चूड़ियों का सेट आपको एक शाही रूप प्रदान करता है। इसमें नक्काशीदार राजवाड़ी कड़े सम्मिलित किए जाते हैं, जिन पर मीनाकारी का महीन काम होता है। इसके साथ ही अनकट स्टोन और मोतियों से सजे कंगनों को मिलाकर एक संपूर्ण सेट तैयार किया जाता है। इस प्रकार का संयोजन भारी ब्राइडल लहंगे पर अत्यंत सुशोभित होता है। इसे गहरे रंगों अथवा पेस्टल शेड्स, दोनों प्रकार के परिधानों के साथ धारण किया जा सकता है।
इच्छा होने पर कंगनों के मध्य साधारण कांच की लाल या मैरून चूड़ियां मिलाकर भी एक संपूर्ण सेट तैयार किया जा सकता है। बनारसी सिल्क, कांजीवरम, चंदेरी और पटोला साड़ियों के साथ भी यह संयोजन अत्यंत आकर्षक दिखाई देगा।
घुंघरू युक्त पारंपरिक चूड़ी सेट
पारंपरिक चूड़ियों का यह संयोजन आपके स्वरूप को एक भिन्न पहचान दे सकता है। लाल, पीली और हरी चूड़ियों से इतर नारंगी और सुनहरे रंगों का संयोजन विपरीत (कंट्रास्ट) रंग की साड़ियों के साथ खूब जंचता है। सादी नारंगी कांच की चूड़ियों के साथ धातु की पतली घुंघरू वाली चूड़ियों को संयोजित किया जाता है और उनके मध्य सुनहरे नक्काशीदार कड़े लगाए जाते हैं।
हरा, बैंगनी अथवा रॉयल ब्लू रंग के परिधानों को इस प्रकार की चूड़ियां विशेष सौंदर्य प्रदान करती हैं। भारी परिधान हों या हल्की साड़ियां, दोनों के साथ ही इन पारंपरिक चूड़ियों को संयोजित किया जा सकता है।
परिधान से मेल खाती वेलवेट (मखमली) चूड़ियां
मजेंटा पिंक वेलवेट चूड़ियों के मध्य रत्न जड़ित पतली चूड़ियों का उपयोग किया जाता है। इस सेट का मुख्य आकर्षण इसके मध्य में स्थित स्वर्णिम मयूर (मोर) आकृति वाले चौड़े कड़े होते हैं। सेट के किनारों पर हीरे और स्फटिक (क्रिस्टल) से सजे बॉर्डर वाले कड़े लगाए जाते हैं। इस प्रकार का चूड़ी सेट आप अपनी साड़ी के रंग से मेल मिलाकर पहन सकती हैं। साड़ी के अतिरिक्त इन्हें हैवी अनारकली अथवा शरारा सूट के साथ भी संयोजित किया जा सकता है।
