80-90 का दौर था सबसे खास, नीलम कोठारी ने बताई गोविंदा संग हिट फिल्मों की कहानी

बॉलीवुड की मशहूर और दिग्गज अभिनेत्री नीलम कोठारी ने हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर को याद करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। नीलम का मानना है कि आज के आधुनिक दौर के मुकाबले उन्हें फिल्मों का पुराना समय कहीं ज्यादा पसंद है। उन्होंने बीते जमाने की सादगी और उसकी असल खूबसूरती को याद करते हुए अपने दिल की बातें साझा की हैं, जो आज के चकाचौंध वाले दौर से बेहद अलग हैं।
न वैनिटी वैन थी, न एसी; फिर भी उस दौर का कोई मुकाबला नहीं
नीलम कोठारी ने उस दौर की चुनौतियों और सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि 80 और 90 के दशक में आज की तरह कलाकारों को लग्जरी सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उन्होंने बताया, "उस समय शूटिंग सेट्स पर न तो एयर कंडीशनर (एसी) होते थे और न ही आराम करने के लिए वैनिटी वैन मिलती थी। हम जैसे ही सेट पर कदम रखते थे, पसीने से पूरी तरह भीज जाते थे। घंटों मेहनत करके जो हेयरस्टाइल और मेकअप किया जाता था, वह गर्मी के कारण कुछ ही देर में बिगड़ जाता था। लेकिन इन सब दिक्कतों के बावजूद, अगर आज भी मुझसे पूछा जाए कि मेरा पसंदीदा दौर कौन सा है, तो मैं बिना सोचे 80-90 का दशक ही चुनूंगी। उस दौर की सादगी और खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है।"
गोविंदा संग डांस फ्लोर पर होती थी कड़ी टक्कर
सुपरस्टार गोविंदा के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पर बात करते हुए नीलम ने बताया कि उन दोनों के बीच हमेशा एक दोस्ताना मुकाबला (कंपटीशन) रहता था, खासकर डांस नंबर्स में। नीलम के अनुसार, "जब भी हम किसी गाने की शूटिंग करते थे, तो हम दोनों के मन में यह बात रहती थी कि कौन सबसे बेहतरीन डांस स्टेप्स करेगा। हमारे बीच का यही अनकहा कंपटीशन और जबरदस्त तालमेल (सिंक्रोनाइजेशन) पर्दे पर जादू बिखेर देता था, जिसे दर्शकों ने खूब प्यार दिया।"
39 साल बाद भी 'आप के आ जाने से' का जलवा कायम
अपने करियर के सबसे बड़े चार्टबस्टर गाने का जिक्र करते हुए नीलम ने कहा कि 'आप के आ जाने से' आज भी उनके सबसे आइकॉनिक गानों में से एक है। यह सदाबहार गाना वर्ष 1987 में आई सुपरहिट फिल्म 'खुदगर्ज' का है, जिसका निर्देशन राकेश रोशन ने किया था। यह गाना आज भी शादियों और पार्टियों की शान बना हुआ है और इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन डांस नंबर्स में गिना जाता है।
सिनेमाई सफर: रील लाइफ जोड़ी को रियल समझने लगे थे फैंस
नीलम कोठारी ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 1984 में आई फिल्म 'जवानी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'लव 86', 'इल्जाम', 'हत्या', 'सिंदूर' और 'घराना' जैसी एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। गोविंदा और नीलम की जोड़ी उस दौर में सिल्वर स्क्रीन पर इतनी हिट और लोकप्रिय थी कि सिनेमा प्रेमी अक्सर यह मान बैठते थे कि दोनों असल जिंदगी में भी एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।
