निकाय चुनाव के आरक्षण पर घमासान, डोटासरा ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

जयपुर: राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के आरक्षण को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा ने आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे महज़ गफलत या गलती मानने से इनकार कर दिया है और इसे सीधे तौर पर 'बेईमानी' करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले के कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
आरक्षण की लॉटरी में गड़बड़ी और हेरफेर का आरोप
गोविंद सिंह डोटासरा ने सवाल उठाया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का निर्धारित आरक्षण कम क्यों किया गया और अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) की लॉटरी निकालने में गलतियां कैसे हुईं। उन्होंने दावा किया कि कुल जनसंख्या में एससी और एससी में ओबीसी के आंकड़े गड़बड़ा दिए गए, जिसके कारण कई जगहों पर लॉटरी दोबारा निकालनी पड़ी। भरतपुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि वहां अचानक लॉटरी रद्द कर उसे दोबारा क्यों निकालना पड़ा। डोटासरा के अनुसार, पहली बार 309 निकायों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के आरक्षण को एक साथ जोड़कर प्रक्रिया पूरी की गई है, जिसके चलते कई बड़े निकायों में एससी-एसटी वर्ग को उसका हक नहीं मिला, जबकि छोटी इकाइयों में आरक्षण दे दिया गया।
चुनाव टालने से वित्तीय सहायता लैप्स होने का दावा
निकाय चुनावों में देरी को लेकर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि चुनावों को टाले जाने के कारण केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राशि लैप्स हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंचायत राज चुनावों में वित्त आयोग (TFC और SFC) का लगभग 1900 करोड़ रुपये का बजट भी इसी वजह से व्यर्थ चला गया।
ट्रांसफर-पोस्टिंग और अधिकारियों पर मनमानी के आरोप
डोटासरा ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए तबादलों में भ्रष्टाचार और पैसों के लेन-देन का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के तबादलों में बड़े पैमाने पर रिश्वत ली जा रही है और एक ही व्यक्ति के कई-कई बार ट्रांसफर किए जा रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद तबादले जारी हैं और शिक्षा विभाग में अलग-अलग स्तर पर भ्रष्टाचार के 'काउंटर' चल रहे हैं। इसके अलावा, नगर निकाय अधिकारियों को जानबूझकर एपीओ (APO) रखने और चुनाव के बाद उन्हें मनचाही जगहों पर पोस्टिंग देने के नाम पर सौदेबाजी करने के आरोप भी उन्होंने लगाए।
युवाओं को प्राथमिकता और 60 फीसदी टिकट देने की योजना
आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों की रणनीति पर बात करते हुए डोटासरा ने घोषणा की कि कांग्रेस इस बार युवाओं पर सबसे ज्यादा फोकस करेगी। उनकी मंशा है कि पार्टी की ओर से लगभग 60 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जाएं। टिकट वितरण में जीतने की क्षमता, जमीनी पकड़ और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की राय को सर्वोपरि रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन निर्दलीय जनप्रतिनिधियों पर भी विचार किया जा सकता है जिन्होंने पिछले पांच वर्षों तक कांग्रेस का साथ निभाया हो, लेकिन भाजपा की पृष्ठभूमि वाले किसी भी व्यक्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति का आरोप
डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा धनबल के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त करने की राजनीति कर रही है और यह नीति पूरे देश में चलाई जा रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित दलबदल कानून से जुड़े मामले पर जल्द फैसला आने की उम्मीद जताई और कहा कि कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बात मजबूती से अदालत के समक्ष रखती रहेगी।
