पुणे में पानी की सप्लाई पर लगेगा ब्रेक, 15 अक्टूबर से हर गुरुवार रहेगी कटौती

पुणे। पुणे नगर निगम (PMC) ने पानी के घटते भंडार और एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए शहर में जल संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। नगर निगम ने 15 अक्टूबर से शहर में हर गुरुवार को पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रखने का बड़ा निर्णय लिया है, ताकि आगामी 31 अगस्त 2027 तक शहरवासियों के लिए पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित किया जा सके।
जल स्तर में कमी और प्रशासनिक निर्देश
महाराष्ट्र जल संसाधन विभाग ने आगामी 31 अगस्त तक पानी की उपलब्धता और प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 12 अक्टूबर तक खडकवासला बांध श्रृंखला में कुल 26.22 टीएमसी ( TMC) पानी उपलब्ध था, जो पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में कम है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण को अनिवार्य किया गया है।
पानी की बर्बादी पर सख्त प्रतिबंध
जल संकट से निपटने के लिए पुणे नगर निगम ने पानी के दुरुपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके तहत निम्नलिखित नियमों को सख्ती से लागू किया गया है:
निर्माण कार्यों, वाहन धुलाई, स्विमिंग पूल और बड़े बगीचों में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
शहरवासियों और सोसाइटियों को घरों और परिसरों में टपकते नलों तथा क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम द्वारा अवैध पानी के कनेक्शनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
