कौन हैं राहुल बोंद्रे जिनके लिए राहुल गांधी ने किया सीधा फोन? जानिए पूरा मामला

बुलढाणा। कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले थे, किंतु लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक फोन कॉल ने उनका निर्णय पूरी तरह बदल दिया। यदि बोंद्रे भाजपा में शामिल होते तो पश्चिमी विदर्भ में कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगता। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल ने एन वक्त पर राहुल गांधी से उनकी फोन पर बातचीत करवाई। इस भावुक संवाद के उपरांत बोंद्रे ने कांग्रेस में ही बने रहने का संकल्प व्यक्त किया तथा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि वे राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस राजनीतिक लड़ाई के लिए सब कुछ न्योछावर करने को तत्पर हैं।
राहुल गांधी के फोन कॉल और आश्वासन का प्रभाव
नेताओं के बीच हुई बातचीत के अनुसार, राहुल गांधी ने पूर्व विधायक को आश्वस्त किया कि पूरी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और विपक्षी चालों का मुकाबला करने में हर संभव सहयोग करेगी। सूत्रों के मुताबिक, क्रेडिट सोसायटियों, शिक्षण संस्थानों एवं कॉटन मिल व्यवसाय से जुड़े बोंद्रे ने अपनी व्यापारिक संस्थाओं पर हो रही निरंतर जांच प्रक्रिया और नोटिस मिलने की बात साझा की थी। राहुल गांधी ने उन्हें सम्बल प्रदान करते हुए कहा कि संघर्ष में कभी-कभी तात्कालिक रूप से हारना भी पड़ता है, किंतु सिद्धांत सर्वोपरि हैं। इस आश्वासन से प्रभावित होकर बोंद्रे ने अंतिम समय पर अपना पाला बदलने का विचार त्याग दिया।
राहुल बोंद्रे का राजनीतिक परिचय
महाराष्ट्र कांग्रेस के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है जब राहुल गांधी ने जिला स्तर के किसी नेता को पार्टी में बनाए रखने के लिए स्वयं सीधे बातचीत की। राहुल बोंद्रे पश्चिमी विदर्भ के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से दो बार (2009 और 2014) कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने जा चुके हैं। वर्ष 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में उन्हें बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। वे महाराष्ट्र में लिंगायत समुदाय के एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और राज्य की राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं।
