‘कॉकरोच जैसा बर्ताव करते हो’— कंगना रनौत का CJP प्रवक्ता पर बड़ा हमला

भारतीय जनता पार्टी की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास पर तीखा जुबानी हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से कंगना ने सौरव दास को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'बेकार और बेरोजगार' करार दिया है। यह तल्ख बयान तब सामने आया जब सौरव दास ने एक साक्षात्कार में कंगना रनौत की आलोचना की थी, जिसके जवाब में कंगना ने उन पर पलटवार किया है।

कंगना रनौत की तीखी प्रतिक्रिया और उपलब्धियों का जिक्र

हाल ही में कंगना रनौत ने सौरव दास के एक इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उनके छात्र होने के दावे पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस व्यक्ति के बारे में जब उन्होंने इंटरनेट पर खोजबीन की, तो पता चला कि उसकी उम्र 28 वर्ष है, और ऐसे में यह समझ से परे है कि वह खुद को छात्र होने का दावा कैसे कर सकता है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने लिखा, "हाँ, मैं पिछले दो वर्षों से सक्रिय राजनीति में हूँ, किंतु पिछले 20 वर्षों से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रही हूँ। जब मैं उसकी उम्र की थी, तब मेरे नाम पर दो राष्ट्रीय पुरस्कार (नेशनल अवॉर्ड) दर्ज थे। एक नए सांसद के रूप में मेरे कंधों पर भारी कार्यभार है, क्योंकि राजनीति के साथ-साथ मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर और उद्यमी भी हूँ।" उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कभी नहीं समझ पाएगा कि व्यस्तता और उच्च माँग के बीच जीवन जीने का क्या अर्थ होता है।

CJP पर कंगना का करारा प्रहार

इससे पूर्व एक अन्य इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना रनौत ने संगठन पर निशाना साधते हुए लिखा था कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी बदसूरती कहीं नहीं देखी। उन्होंने टिप्पणी की कि जिस प्रकार की भाषा का वे प्रयोग करते हैं और जैसी उनकी कार्यशैली है, वह उनके आचरण को दर्शाती है।

सौरव दास का क्या था बयान?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सौरव दास ने कंगना रनौत की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी उनकी बातों पर अधिक ध्यान नहीं देते और न ही उन्हें गंभीरता से लेते हैं, तो अन्य लोग क्यों लें। उन्होंने दावा किया था कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z या Gen Alpha) उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है।

CJP और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि कथित नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह संगठन चर्चा के केंद्र में आया था। लगभग एक महीने तक चले इस तीव्र आंदोलन के पश्चात तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि अब विरोध प्रदर्शनों का दौर थम चुका है, परंतु राजनेताओं और संगठन के नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर वाकयुद्ध लगातार जारी है।

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