अब किसान आत्महत्या नहीं कर रहे, खुशहाली की ओर बढ़ रहे-योगी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसान पहली बार राजनीतिक एजेंडे में शामिल हो पाया है। इससे पहले किसान लोगों के लिए केवल वोट बैंक था। किसी योजना का भागीदार नहीं बन पाता था। देश ने ‘जय जवान और जय किसान’ का नारा तो दिया, लेकिन किसान हाशिये पर रहा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद किसान मुख्य धारा में शामिल हुआ। 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहे थे। मगर अब वो खुशहाली की तरफ बढ़ रहे हैं। हमारी कैबिनेट का सबसे पहला निर्णय किसानों के गन्ना भुगतान का रहा। 
मुख्यमंत्री योगी ने किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बुधवार को अहम कदम उठाते हुए किसान कल्याण मिशन का शुभारंभ किया। राजधानी लखनऊ में बंथरा के बाबा विनायक सिंह स्पोर्टस स्टेडियम में आयोजित समारोह में उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री मोदी की देन है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसान को छह हजार सालाना मिल रहा है। अगर पिछले 6 वर्षों की हुई प्रगति, 70 वर्षों में हुई होती तो मोदी जी को ये लक्ष्य न करना पड़ता कि 2022 तक किसान की आय दोगुनी करनी होगी। आज का कार्यक्रम उसी किसान कल्याण कार्यक्रम को आगे बढाने के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि याद करिये 2017 में हमारी सरकार बनने पर पहला कैबिनेट निर्णय ही किसान ऋणों को माफ करने का था। इस कार्य को जलशक्ति विभाग ने भी आगे बढ़ाया है। किसानों के लिए बड़े बड़े कार्यक्रम तेजी से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में धान और गेहूं की खरीद नहीं होती थी। आज हमने लक्ष्य से अधिक खरीद की। प्रदेश में 20 विज्ञान केंद्र स्थापित किए। 79 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों की मदद कर रहे हैं। किसान कल्याण मिशन को पूरी सफलता के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि तमाम लोग गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। उन लोगों को अच्छा नहीं लग रहा की किसान खुश हो रहा है। दुग्ध उत्पादन में हम नंबर एक है। हमारी डेरी से जाने वाला दुध बिलकुल शुद्ध है। खुरपका को हमने दूर किया। इस दौरान दो करोड़ 35 लाख किसान सम्मान निधि से सम्मानित किए गए। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये मदद दे रही है।

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