आधुनिक व सुनियोजित नगर विकास को लेकर गुजरात से हैं बड़ी अपेक्षाएं: मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात की अभिनव पहल‘आत्मनिर्भर नगर सेवा’ के अंतर्गत 16 नगरपालिकाओं में 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का ई-शिलान्यास करते हुए कहा कि विकास के रोल मॉडल गुजरात से दुनिया के लोगों की आधुनिक, विकसित और सुनियोजित नगर विकास को लेकर बड़ी अपेक्षाएं हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि नगरों के सड़क, सीवर, लाइट और पानी के कार्यों में कहीं कोई कमी न रह जाए साथ ही छोटे-बड़े शहर और नगर समय के अनुकूल सर्व-सुविधा संपन्न बने। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की सुरेन्द्रनगर, वलसाड़ और गोधरा नगरपालिका में कुल 103.26 करोड़ रुपए की लागत से तैयार एसटीपी का लोकार्पण तथा 18 नगरपालिकाओं के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजपीपला नगर की 17.77 करोड़ रुपए लागत की भूमिगत सीवर योजना का भी ई-शिलान्यास किया। इस अभिनव पहल के लिए रूपाणी ने गुजरात अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और शहरी विकास निगम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नगर एसटीपी और डब्ल्यूटीपी की सुविधा से लैस हों, नागरिकों को शुद्ध पेयजल ‘नल से जल’ के रूप में मिले और इस्तेमाल किए हुए गंदे पानी का शुद्धिकरण कर खेतीबाड़ी, बाग-बगीचे और तालाबों को भरने जैसे कार्यों में पुनःउपयोग हो उस दिशा में नगरीय प्रशासन आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से जारी नई ऐतिहासिक सोलर पॉलिसी के अंतर्गत स्वायत्त और स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा की खपत को व्यापक प्रोत्साहन देने का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य की नगरपालिकाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संपत्ति पर सौर ऊर्जा का उत्पादन करे और स्वयं की खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली को बेचकर आय के नए स्रोत पैदा करें। रूपाणी ने कहा कि अतीत में कांग्रेस के शासनकाल में नगरों में विकास कार्यों, पानी और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के कार्यों के लिए कोई योजना ही नहीं थी। लोगों को शुद्ध पेयजल सुलभ नहीं था और नगरों में ड्रेनेज के अभाव में मलेरिया जैसी बीमारियां भी फैलती थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यभार संभालने के बाद यानी पिछले दो दशक से नगरों और महानगरों के ड्रेनेज, फिल्टर वाटर और घर-घर जल जैसे मूलभूत जरूरत के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नगरों में सौर ऊर्जा उत्पादन के जरिए हरित ऊर्जा को गति देने के साथ ही बिजली के बिल में कटौती करने और नगरपालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। एक ही दिन में 136 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का ई-लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फाटक मुक्त गुजरात की संकल्पना साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि दंगा मुक्त गुजरात, खुले में शौच क्रिया मुक्त गुजरात, रोग मुक्त गुजरात और अब कोरोना मुक्त गुजरात का निर्माण कर हमें देश में अग्रणी स्थान पर रहना है। मुख्यमंत्री ने 16 नगरपालिकाओं में 22 एसटीपी और डब्ल्यूटीपी के लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों का भी शिलान्यास किया। इसके चलते नगरपालिकाओं के बिजली बिल में सालाना 4 करोड़ रुपए से अधिक की बचत होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगरपालिकाओं के मार्फत विभिन्न नगरों में सौर आधारित बिजली उत्पादन के जरिए आय के नए स्रोत पैदा कर गुजरात देश को विकास की नई राह दिखाएगा और प्राथमिक सुविधा के साथ आधुनिकता के समन्वय से गुजरात के शहर स्मार्ट सिटी बनेंगे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा, सांसद केसी पटेल, देवसिंह चौहान, मितेशभाई पटेल, प्रभुभाई वसावा, विधायक भवानभाई पटेल, सीके राउलजी और राजेन्द्रसिंह आदि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश पुरी, आयुक्त म्युनिसिपैलिटी एडमिनिस्ट्रेशन राजकुमार बेनीवाल, गुजरात अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (जीयूडीसी) के प्रबंध निदेशक लोचन शहेरा तथा निदेशक हार्दिक शाह आदि गांधीनगर से कार्यक्रम में जुड़े। 

Leave a Reply