पुलिस अभिरक्षा में लिये गये व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु उसकी अविलम्ब जामा तलाशी की जाये

 

पुलिस अभिरक्षा में लिये गये व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु उसकी अविलम्ब जामा तलाशी की जाये
 

आयोग ने की अनुशंसा

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने भोपाल जिले के एक मामले में बंदी नीरज शर्मा पिता लक्ष्मीनाराण शर्मा की पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु के संबंध में राज्य शासन को अनुशंसा की है। आयोग ने प्रकरण क्र 8713/भोपाल/2017 में अनुशंसा की है कि पुलिस कर्मचारी द्वारा अपने कर्तव्य निर्वहन के दौरान किसी व्यक्ति/आरोपी को अभिरक्षा में लिया जाता है, तो उस व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से उसकी अविलम्ब जामा तलाशी की कार्यवाही की जाये। इस संबंध में संबंधित पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के लिये निर्देश प्रसारित किये जायें। पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु की जानकारी राज्य आयोग को शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को जारी किये जायें। प्रकरण का संज्ञान एक अंगे्रजी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर ’’पुलिस अभिरक्षा में ज़हर खाने से नीरज शर्मा की मृत्यु हो गई’’ पर लिया गया था। इस प्रकरण में पुलिस अभिरक्षा में बंदी नीरज शर्मा की मृत्यु की सूचना पुलिस अधीक्षक, भोपाल द्वारा आयोग को नहीं दी गई थी।

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