‘चंदा चोर-गद्दी छोड़’ के नारों के साथ सपा का प्रदर्शन, संसद में राहुल गांधी के भाषण पर नजर

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर और देश की राजनीति में कई अहम मुद्दों को लेकर विरोध और बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। दिल्ली में बीजेपी सांसदों ने झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया, तो वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर चंदे, केंद्रीय मंत्रियों की भूमिका और कावेरी जल विवाद पर सरकार को घेरा।

JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली पर बीजेपी का प्रदर्शन

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ बीजेपी सांसदों ने दिल्ली में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। सांसदों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

राम मंदिर चंदे और पेपर लीक पर सपा का हमला

समाजवादी पार्टी के सांसदों ने अखिलेश यादव की अगुवाई में राम मंदिर के चढ़ावे व चंदे में हुई कथित धांधली को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। 'चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़' के नारे लगाते हुए सपा नेताओं ने जांच की मांग उठाई। अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार चढ़ावे के दान-पात्र की रक्षा नहीं कर सकती, वह युवाओं के भविष्य और पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का केंद्रीय मंत्री पर निशाना

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके पद पर बने रहने पर सवाल खड़े किए। तिवारी ने कहा कि संसद में प्रियंका गांधी और बाहर राहुल गांधी द्वारा रखे गए तथ्यों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में दोषियों का समर्थन करने वाले नेताओं को लेकर सत्ता पक्ष नियम-कायदों का बहाना बनाकर जवाब देने से भाग रहा है।

कावेरी जल विवाद पर राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव (काम रोको प्रस्ताव) का नोटिस दिया है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) के आदेश का हवाला देते हुए मांग की कि कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए तुरंत 4 टीएमसी फीट पानी छोड़ने के निर्देश दिए जाएं और इस मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा हो।

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