मप्र में दूसरे चरण में 6 मई को मतदान, मैदान में 110 प्रत्याशी

भोपाल । मप्र में 6 मई को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में कुल 7 लोकसभा क्षेत्रों के एक करोड़ 19 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए कुल 15240 मतदान केंद्र बनाए गए हैं इसमें से तीन लोकसभा क्षेत्रों टीकमगढ़, दमोह, होशंगाबाद व बैतूल में एक एक बैलेट यूनिट बीयू लगाए जा रहे हैं। पहले चरण के चुनाव में तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों की सभी कंपनियों को उक्त क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान के लिए डिप्लाय कर दिया गया है। दूसर चरण के 6 संसदीय क्षेत्रों में से सबसे अधिक मतदाता खजुराहो में कुल 18 लाख 41 हजार हैं।
सबसे अधिक 23 प्रत्याशी रीवा में
7 लोकसभा क्षेत्रों में कुल 110 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसमें सबसे अधिक 23 प्रत्याशी रीवा में हैं। इसी तरह खजुराहो में 17, सतना में 21 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसके लिए खजुराहो में महज एक प्रत्याशी अधिक होने की वजह से प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो बैलेट यूनिट लगाए जा रहे हैं। खजुराहो में 2279 मतदान केंद्रों पर इतने ही अतिरिक्त बीयू लगाए जा रहे हैं। उक्त सभी 7 क्षेत्रों में चुनाव प्रचार मतदान के 48 घंटे पहले शनिवार को 5 बजे के बाद थम जाएगा। इस बार मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम को 6 बजे तक चलेगा, हालांकि प्रचार शाम को 5 बजे के बाद ही थम जाएगा। इसे लेकर कुछ प्रत्याशियों ने प्रचार के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय देने की मांगी थी लेकिन आयोग ने इसे मंजूर नहीं किया।
मतदान के पहले जिले व राज्य की सीमाएं सील
उक्त भी 7 संसदीय क्षेत्रों में 6 मई को मतदान होना हैं लेकिन इससे 72 घंटे पहले ही राज्य एवं जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। सतना, रीवा, टीकमगढ़ व खजुराहो में राज्य की सीमाएं उत्तरप्रदेश से सटी हुई हैं जबकि बैतूल की सीमा महाराष्ट्र से सटी हैं। ऐसे में आयोग ने सीमाओं को पूरी तरह से सील करने के निर्देश दिए थे। जिलों ने अपनी अपनी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया है। सभी बार्डर के नाकों पर सुरक्षाबलों की टीमें तैनात की गई हैं।
महिला महिलाओं का अनुपात है कम
दमोह में 17 लाख 68 हजार, बैतूल में 17 लाख 34 हजार, होशंगाबाद में 17 लाख 3 हजार, रीवा में 16 लाख 72 हजार, टीकमगढ़ मेंं 16 लाख 46 हजार मतदाता हैं। बैतूल सुरक्षित संसदीय क्षेत्र में पुरुष व महिलाओं के अनुपात में महिलाओं की संख्या 95 फीसदी है। यहां 8 लाख 95 हजार पुरुष मतदाताओं पर करीब 8 लाख 40 हजार महिला मतदाता हैं। बाकी क्षेत्र में यह अनुपात काफी कम है। कुछ संसदीय क्षेत्र में तो यह अनुपत काफी चौंकाने वाला है। रीवा संसदीय क्षेत्र में यह अनुपात सबसे कम है। यानी कि 8 लाख 88 हजार पुरुष मतदाताओं पर 7 लाख 86 हजार महिला मतदाता ही हैं। 
चुनाव लड़ रहे आधे उम्मीदवार नहीं हैं ग्रेजुएट
ऐसे समय में जब इस लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, तब मध्य प्रदेश के दूसरे चरण के मतदान में ताल ठोक रहे लगभग 50 प्रतिशत उम्मीदवार ग्रेजुएट भी नहीं हैं। एसोसिएशन ऑफ डेमोके्रटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। 6 मई को देश में पांचवें चरण का मतदान होगा जबकि मध्य प्रदेश के लिए यह दूसरा चरण है। इस चरण में राज्य की कुल 7 सीटों पर वोटिंग होनी है। इसमें टिकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल शामिल है। फिलहाल इन सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। राज्य के पढ़े लिखे युवा पिछले कई वर्षों से नौकरी की कमी से जूझ रहे हैं। पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए कई वादे किए थे। इस बार के चुनाव में भी कुछ इसी तरह का कैंपेन जारी है। 6 मई को राज्य की सात सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कुल 109 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें से कम से कम 50 (लगभग 46 प्रतिशत) ने अपने हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं तक की बताई है। वहीं 54 (लगभग 50 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने आप को ग्रेजुएट और इससे ज्यादा पढ़ा लिखा बताया है। तीन अन्य उम्मीदवारों ने खुद को साक्षर और एक ने निरक्षर बताया है। आधे दर्जन उम्मीदवार सिर्फ पांचवीं क्लास तक पढ़े हैं। अन्य 14 ने क्लास 8 तक पढ़ाई की है। 9 ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्होंने दसवीं की परीक्षा दी है और 21 उम्मीदवार 12वीं पास हैं. सभी प्रत्याशियों में से मात्र 16 ही ग्रेजुएट हैं और 11 ग्रेजुएट प्रोफेशनल्स हैं। सांसद बनने के लिए दावा ठोक रहे कम से कम 25 उम्मीदवार पोस्ट ग्रेजुएट हैं और मात्र दो के पास पीएचडी की डिग्री है।

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