मुंबई में अब तक की सबसे तेज बारिश,5 घंटे में 15 इंच बारिश; 21 की मौत और 75 जख्मी

मुंबई . मुंबई में भीषण बारिश ने 2005 की बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं। यहां सोमवार की रात 5 घंटे में 15 इंच बारिश हुई। यानी हर घंटे औसतन 3 इंच बारिश हुई। यह अब तक की सबसे तेज बारिश है। सोमवार रात मलाड में दीवार ढहने से पानी और मलबा झुग्गी बस्ती में घुस गया। इससे 21 लोगों की मौत हो गई। 75 लोग जख्मी हो गए।
बारिश की वजह से मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मुख्य रनवे बंद करना पड़ा। 203 फ्लाइट रद्द हुईं। जुहू एयरपोर्ट पर भी दो फीट पानी भर गया। यहां से एक भी उड़ान नहीं उड़ सकी। मुंबई में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। नौसेना को भी लगाया गया है। उधर, पुणे के सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट की दीवार ढहने से 6 मजदूरों की मौत हो गई है। बीते 4 दिनों में बारिश की वजह से हुए हादसों में महाराष्ट्र में 50 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के 4 लोग शामिल हैं।
बीएमसी ने 6 पंपिंग स्टेशन की मदद से 1400 करोड़ लीटर पानी निकाला
- बीएमसी ने छह पंपिंग स्टेशन से 1400 करोड़ लीटर पानी निकालकर समुद्र में डाला।
- मुंबई में अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने हर दिन औसतन 200 मिमी या ज्यादा बारिश की आशंका जताई है।
- मुंबई में 48 घंटे में 540 मिमी बारिश हुई है। यह दो िदन में एक दशक की सबसे ज्यादा बारिश है।
- जून में 515 मिमी बारिश होती है। सिर्फ दो दिन में ही 540 मिमी बारिश हुई है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से यह स्थिति बनी है।
बेमेतरा के हाथाडांड़ू के रहने वाले थे सभी मृतक : पुणे में 28 जून को 22 फीट ऊंची दीवारी ढहने से मारे गए 15 मजदूरों में चार छत्तीसगढ़ के थे। ये बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के हाथाडांड़ू गांव के रहने वाले थे। कलेक्टर बेमेतरा महादेव कावरे ने बताया कि हादसे में राधेलाल पिता रामनरेश पटेल (25), ममता पति राधेलाल पटेल (22), जेतूलाल पटेल (50) और परदेशनिन पटेल (45) की मौत हुई है। सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। पुणे से नई दिल्ली के रास्ते श्रमिकों के शव बुधवार को रायपुर लाए जाएंगे। यहां से इन्हें अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
मुंबई की तीन सबसे तेज बारिश
1974 24 घंटे में 22 इंच0.94 इंच/घंटा
2005 24 घंटे में 37 इंच1.5 इंच/घंटा
2019 5 घंटे में 15 इंच3.0 इंच/घंटा
एनडीआरएफ ने मुंबई की सड़कों पर बोट उतारी : बचाव में एनडीआरएफ और नौसेना की कई कंपनी तैनात की गई हैं। नौसेना ने बचाव कार्य में दर्जनों बोट तैनात की हैं।
