यह सच है कि राजीव गांधी ने ही बाबरी मस्जिद के ताले खुलवाने के आदेश दिए थे: ओवैसी

नई दिल्ली / हैदराबाद. अयोध्या मसले पर एआईएमएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने बाबरी मस्जिद (Babri Mosque)के ताले खोलने का आदेश दिए थे. असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह सचिव माधव गोडबोले (Madhav Godbole) के इस कथित दावे को सही ठहराते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही बाबरी मस्जिद के ताले खुलवाये थे. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का ताला खोलने का शाहबानो केस कोई लेना-देना नहीं था.
'पांच मिनट की सुनवाई में, 25 पन्नों का आदेश दिया गया था'
ओवैसी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के 'फैसले के बाद अगले 15 मिनट के भीतर कानून का उल्लंघन किया गया था. इसके बाद राजीव गांधी ने वहां से अपना चुनाव अभियान शुरू किया था. पांच मिनट की सुनवाई में, 25 पन्नों का आदेश दिया गया था. मैं इसलिए कह रहा हूं कि ताले खोलने का शाह बानो केस से कोई लेना-देना नहीं था. बाबरी मस्जिद का जब ताला खोला गया था तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी.
'गोडबोले ने जो कहा है सच कहा है, यह एक ऐतिहासिक तथ्य है'
गौरतलब है कि इससे पहले 4 नवंबर को भारत के पूर्व गृह सचिव माधव गोडबोले ने कहा था कि अगर राजीव गांधी ने कार्रवाई की होती तो बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद का हल हो सकता था. माधव गोडबोले की टिप्पणी के बाद ओवैसी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए गोडबोले के बात की पुष्टि की है. कांग्रेस पर प्रहार करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब ताले खोले गए तब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी और जब विवादित ढांचा ढहाया गया तब कांग्रेस के पी वी नरसिंह राव (P.V. NarSimha Rao) प्रधानमंत्री थे. ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस इस गलती के लिए बराबर की साझीदार है.
