अनुच्छेद 370 के बाद बौखलाया पाकिस्तान, पंजाब को लेकर आईएसआई रच रही बड़ी साजिश

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने भले ही भारत से कूटनीतिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं लेकिन वह करतारपुर कॉरिडोर की आड़ में पंजाब में अलगाववाद की नई मुहिम शुरु करने की साजिश रच रहा है। 
भारतीय खुफिया एजेंसियां अब करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान के रुख और गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही हैं। भारत इस इनपुट को लेकर भी सतर्क हो गया है कि कश्मीर में शिकस्त के बाद आईएसआई ने फिर से पंजाब पर नजरें गड़ा दी हैं। 
आईएसआई की कोशिश है कि कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान आने वाले सिख श्रद्धालुओं की उन खालिस्तान समर्थकों से मुलाकात और चर्चा कराई जाए, जो आतंकवाद के दौरान भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे थे। 
यह भी आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान भारत से रिश्ते तोड़ने के बाद भी पंजाब खासकर सिखों को पाकिस्तान आने की इजाजत देकर, अंदरखाने भारतीय पंजाब को भारत से अलग दिखाने की साजिश रच रहा है।
भारत से कूटनीतिक रिश्ते खत्म करने का एलान करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और सिखों को पाकिस्तान आने की इजाजत मिलेगी। वहीं, श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों की तहत पाकिस्तान के सिखों का जत्था इन दिनों पंजाब की यात्रा पर है।
खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, कॉरिडोर के रास्ते आवागमन शुरु होने से पहले पंजाब में ऐसे तत्वों पर नजर रखी जा रही है, जो गरमपंथियों और अलगाववादियों के हिमायती रहे हैं और इस धार्मिक यात्रा की आड़ में फिर से अलग राज्य की मांग को हवा देने की कोशिश कर सकते हैं।
राज्य पुलिस को इसके लिए चौकन्ना किया गया है और आने वाले कुछ हफ्तों में ऐसे तत्वों की एहतियातन गिरफ्तारी के साथ-साथ यह भी यकीनी बनाया जाएगा कि श्रद्धालु को रूप में ऐसे व्यक्ति पाकिस्तान न जा सकें। 
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारतीय पंजाब में नशे की सप्लाई के कई मामले उजागर होने और श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए गए भारतीय श्रद्धालुओं को जिस तरह खालिस्तान के हक में उकसाने की कोशिश की गई, उसे लेकर खुफिया एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि आगामी 4 नवंबर से इसी कॉरिडोर के रास्ते सिख श्रद्धालुओं की प्रस्तावित यात्रा के दौरान आईएसआई और खालिस्तान समर्थक अलग सिख सूबे की मांग को हवा देने की कोशिश करेंगे।
इसका मुख्य कारण यह भी है कि पाक की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में उन्हीं सिखों का वर्चस्व है, जो आतंकवाद के दौर में भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे हैं। पवित्र श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे में खालिस्तान समर्थक बैनर लहराए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है। 

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