होर्मुज संकट पर समझौता, पाकिस्तान को झटका; ओमान की कूटनीति आई काम

वाशिंगटन: पश्चिम एशिया की भयंकर जंग और भू-राजनीतिक खींचतान के बीच एक बड़ी कूटनीतिक राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान जारी कर संकेत दिए हैं कि बेहद संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज' जलमार्ग को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलने पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक बड़ा समझौता जल्द साकार हो सकता है। ओमान के माध्यम से पर्दे के पीछे चल रही यह वार्ता अपने अंतिम पड़ाव पर है और दोनों पक्ष समझौते की औपचारिक रूपरेखा लगभग पूरी कर चुके हैं।
हॉरमुज खुलेगा, वैश्विक आपूर्ति को मिलेगी राहत
दोनों देशों के बीच इस सहमति के बनते ही रणनीतिक रूप से अहम हॉरमुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पुनः सुचारू हो जाएगी। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस पूरे संवाद का रुख बेहद सकारात्मक रहा है और आने वाले एक-दो दिनों के भीतर इस फैसले पर आधिकारिक मुहर लग सकती है। इस मार्ग के बहाल होने से दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई स्थिर होगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ा दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
लंबी जंग से अमेरिकी मिसाइल भंडार में गिरावट
समझौते की इस सकारात्मक खबर के समानांतर, क्षेत्र में गहराता सैन्य संकट अब भी गंभीर बना हुआ है। रक्षा सूत्रों के हवाले से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ बीते पांच महीनों से जारी भारी टकराव के कारण अमेरिकी सेना के आधुनिक हथियारों के भंडार में बड़ी गिरावट आई है। खासतौर पर एटीएसीएमएस और प्रिसिजन स्ट्राइक जैसी लंबी दूरी तक मार करने वाली घातक मिसाइलों की भारी खपत ने अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है।
लाल सागर में भारतीय मालवाहक जहाज पर हमला
दूसरी तरफ, लाल सागर में यमन के तटीय इलाके के समीप सुरक्षा को झटका देने वाली एक और वारदात सामने आई है। यमन के पश्चिमी तट पर धमाके से लदी एक मानवरहित नाव ने भारतीय झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज को सीधे निशाना बनाया, जिससे वह समुद्र में समा गया। राहत की बात यह रही कि यमनी नौसेना और तटरक्षक टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जहाज पर मौजूद सभी 14 चालकों (13 भारतीय और 1 यमनी नागरिक) को डूबने से पहले सकुशल बचा लिया।
तनाव के बीच शांति की नई किरण
भारत ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए हमले के जिम्मेदार तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। यद्यपि पूरे मध्य-पूर्व में वर्तमान माहौल काफी तनावपूर्ण और अनिश्चितताओं से भरा है, फिर भी अमेरिका और ईरान के बीच हॉरमुज मार्ग को लेकर बनती यह सहमति क्षेत्र में शांति और आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक अहम मोड़ मानी जा रही है।
