राजस्थान को एआई एवं डेटा सेंटर निवेश का पसंदीदा स्थान बनाएंगे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में 'विकसित भारत – विकसित राजस्थान 2047' के बड़े संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में डिजिटल बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने से आम जनता से जुड़ी नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता आई है। इन त्वरित सेवाओं की वजह से न केवल लोगों के समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और सरकार को नीतिगत फैसले लेने में भी बड़ी मदद मिल रही है।

डिजिटल भविष्य का केंद्र बन रहा राजस्थान

यह बातें मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के बाद आयोजित एक राउंड टेबल बैठक में कहीं, जहां वे देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपतियों और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की पहचान अब केवल खूबसूरत पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा राज्य भारत के डिजिटल भविष्य को गढ़ने में अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की युवा शक्ति का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में 100 से अधिक विश्वविद्यालय और करीब 4 हजार कॉलेज हैं, जहां से हर साल ढाई लाख से ज्यादा युवा अपनी पढ़ाई पूरी कर रोजगार के बाजार में कदम रखते हैं। यह कुशल मानव संसाधन हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

स्टार्टअप्स और एआई से युवाओं को मिलेंगे वैश्विक मौके

युवाओं और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की 'आईस्टार्ट' योजना के तहत प्रदेश में अब तक 8 हजार 700 से अधिक स्टार्टअप्स अपने पैर पसार चुके हैं। इन स्टार्टअप्स में 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश आया है, जिससे राज्य में 48 हजार से अधिक लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं के हुनर को इनोवेशन, रिसर्च और बिजनेस से जोड़कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर प्रदान करना है। इसके लिए प्रदेश में 'एआई एक्सीलेंस सेंटर' की स्थापना की जा रही है, जो उद्योगों, नए स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थाओं और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा।

डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव

तकनीकी निवेश के मोर्चे पर राजस्थान को मिल रही बड़ी सफलताओं को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एसटीटी जीडीसी (STT GDC) जैसी बड़ी वैश्विक कंपनी ने जयपुर में एक आधुनिक एआई रेडी डेटा सेंटर स्थापित किया है। इसके अलावा देश और दुनिया की कई नामचीन कंपनियां राजस्थान का रुख कर रही हैं। राज्य को अब तक डेटा सेंटर के क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बंपर निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें एसटीटी जीडीसी, एचजी एकाया, नायो बोल्ट और ज्टूडियम जैसी नामी कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बिजली, जमीन, सिंगल विंडो क्लियरेंस और लचीली नीतियों के जरिए राजस्थान को देश का सबसे पसंदीदा एआई और डेटा सेंटर हब बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

बाधाएं दूर कर उद्यमियों को दिया खुला निमंत्रण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रचुर मात्रा में ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) की उपलब्धता, बेहद कम परिचालन लागत और एक पारदर्शी प्रशासन हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार ने नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी टेंडरों और खरीद प्रक्रियाओं में से पूर्व अनुभव तथा न्यूनतम टर्नओवर जैसी पुरानी कड़े नियमों और बाधाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने वहां मौजूद उद्यमियों और निवेशकों से अपील की कि वे राजस्थान को महज निवेश करने की जगह न समझें, बल्कि इसे रिसर्च, नए आइडियाज, रोजगार के नए अवसरों और भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करने में अपना एक मजबूत साझेदार बनाएं।

दिग्गजों ने दिए अहम सुझाव, ये रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय राउंड टेबल बैठक के दौरान विभिन्न टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री के सामने एआई, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस खास मौके पर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, शासन सचिव रवि कुमार सुरपुर समेत उद्योग व वाणिज्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और आईटी जगत के दिग्गज मौजूद रहे।

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